GHAR SE DOOR LYRICS IN HINDI – BADSHAH

GHAR SE DOOR LYRICS IN HINDI

Ghar Se Door Lyrics

Singer BADSHAH
Music BADSHAH
Song Writer BADSHAH

GHAR SE DOOR LYRICS

बैठा हूँ मैं फ़्लाइट में, मैनेजर है साइड में
तारे मेरी साइड में, जागा पूरी नाइट में
खाली बैठूं जो मैं, होती ऐन्ग्ज़ाइअटि
पागल वागल लगता है, क्या बोलेगी सॅसाइइटि

अपनी बच्ची से दूर हूँ, देखा नहीं कबसे
काम काम काम बस, दूर हुआ सबसे
मम्मी का फ़ोन काटूँ, कभी कभी पापा को डांटूं
करून सीधे मुँह न बात मैं भूला अपनी औकात मैं
हुआ बर्बाद मैं
जागूँ पूरी रात मैं, कोई नहीं साथ में
जागूँ पूरी रात मैं, अपनी ही याद में
जागूँ पूरी रात मैं, देखूं अपने हाथ मैं
जागूँ पूरी रात मैं, अपनी ही याद में

6 शहरों में घर, फिर भी घर से हूँ दूर मैं
मौज मैं करता हूँ या हूँ मजबूर मैं
क्या ही करूंगा होके इतना मशहूर मैं
जो मिटटी में ही मिलना है सबने
सोऊंगा तभी तोह देख पाऊंगा मैं सपने
इस ज़िन्दगी से अब सर लगा खपने
जाने क्यों लोग मेरा नाम लगे जपने
जिनसे मिला भी नहीं उनकी भी राय है मेरे बारे में
लोग अफवाह हैं फैलाएं मेरे बारे में
जलने वाले गाने बनाएं मेरे बारे में
मेरे माँ बाप को बातें बताएं मेरे बारे में

इतना तोह नाम नहीं जितना बदनाम हूँ
फिर भी सबकुछ करता सारे आम हूँ
गालियां सुन के भी रहने लगा कॉल्म हूँ
नाम Badshah पर अपने फ़ेम का गुलाम हूँ
पब्लिक फ़िग्यर हूँ, पब्लिक प्रॉपर्टी नहीं
मैं लोगों के रवैय्ये से थोड़ा हैरान हूँ
बिलकुल तुच्छ से मुझमे भी दिल है
लोग भूल जाते हैं की मैं भी इंसान हूँ

जागूँ पूरी रात मैं, कोई नहीं साथ में
जागूँ पूरी रात मैं, अपनी ही याद में
जागूँ पूरी रात मैं, देखूं अपने हाथ मैं
जागूँ पूरी रात मैं, अपनी ही याद में

टॉप पे खड़ा हूँ फिर भी रोने का मन है
भाग के थक गया हूँ सोने का मन है
जो भी कमाया सब खोने का मन है
एकदम से ही गायब होने का मन है
ये ज़िन्दगी भूल जाने का मन है
फिर से वापिस स्कूल जाने का मन है
दुनिया के लिए मर जाने का मन है
मेरा वापिस घर जाने का मन है

GHAR SE DhOOR LYRICAL VIDEO

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